*** गिफ्ट में एक वादा ***
बच्चों, आज रक्षाबंधन के दिन तुम राखी बांधने और बंधवाने में व्यस्त रहोगे। मिठाई खाओगे और भाई-बहनों के साथ खूब मस्ती करोगे। लेकिन इस त्योहार का मतलब सिर्फ इतना ही नही है। भाई-बहन के रिश्ते को बताने वाला यह पर्व बेहद खास है। इसे तुम चंद्रशेखर आजाद के उधाहरण से समझ सकते हो आजादी की लड़ाई में अहम् योगदान देने वाले चंदशेखर आजाद के बारे में तुमने पढ़ा ही होगा। ये बात उसी दौर की है जब हमारे देश के स्वतंत्रता सेनानी अंग्रेजो से पूरे दमखम के साथ आजादी की जंग लड़ रहे थे। एक बार अंग्रेजो से बचते हुए चंद्रशेखर आजाद छिपने के लिए एक घर में जा पहुंचे। इस घर में एक विधवा अपनी बेटी के साथ रहती थी। आजाद को देख महिला ने उन्हें डाकू समझ लिया, लेकिन जब आजाद ने अपनी असली परिचय दिया, तो उसने उन्हें पुरे आदर के साथ अपने घर में रुकने की इजाजत दे दी। बातों ही बातों में आजाद को मालूम हुआ कि वह महिला गरीबी के कारण अपनी बेटी की शादी नही कर पा रही थी। आजाद ने महिला से कहा कि, "मुझ पर पांच हजार रूपए का इनाम है आप अंग्रेजो को मेरी सूचना देकर मेरी गिरफ्तारी पर पांच हजार रूपए का इनाम ले सकती है।" इस पर महिला ने कहा, "भैया ! तुम मेरे देश की आजादी के लिए इतना खतरा उठा रहे हो। मै ऐसा नही कर सकती" उस वक्त महिला ने एक रक्षा-सूत्र आजाद के हाथो में बांधा और देश-सेवा का वचन उनसे लिया। सुबह जब महिला उठी, तो आजाद जा चुके थे और उनके तकिए के नीचे 5,000 रूपए रखे थे। उसके साथ एक पत्र भी था- 'प्यारी बहन के लिए भेंट - आजाद । तो बच्चों , इस रक्षाबंधन तुम भी गिफ्ट में अपनी बहन या भाई को हर मुश्किल में साथ निभाने का वादा गिफ्ट कर सकते हो, तभी तो मजबूत बनेगा ये नटखट रिश्ता।
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